Friday, April 25, 2008

उसके हुस्न का ये भी जादू था

I WROTE THIS GAZAL LAST NIGHT AND THIS MORNING I FOUND A VERY OLD FRIEND OF MY CHILDHOOD .I DEVOTE IT TO HIM ..................

NILAY ITS FOR YOU ........

उसके हुस्न का ये भी जादू था कि कोई उसे सहने वाले नही मिले
उसके लिए मरने वाले तो बहुत थे पर उसके लिए जीने वाले नही मिले

वह बला कि खूबसूरत थी चाँद को भी मात देती उसकी सूरत थी
पर हमारे बाद कभी उसे हम जैसे दीवाने नही मिले

एक सुखा हुआ फूल ताउम्र अपनी किताब मे रखा हमने
उसके याद आने के कई कारण थे उसे भुलाने के बहाने नही मिले *

तेरे बिना भी हम अपनी सल्तनत के बादशाह थे अपने पर गुरुर न कर
तुझसे मुहब्बत मे सिर्फ़ दर्द ही मिला कोई खजाने नही मिले

मानस भारद्वाज
* ये शेर किसी और शेर से मिलता हुआ मुझे प्रतीत होता हैं । होता क्या हैं कि कई बार कविता लिखते समय हम भाव मे बहते हुए किसी और कि पंक्ति को अपना समझ लेते हैं । पाठकों से निवेदन हैं कि वे धेर्य से काम ले
और अगर उन्हें इसके शायर का नाम पता हैं तो मुझे बताये । मुझे उनका नाम लिखकर एक बोझ अपने ऊपर से उतरता हुआ महसूस होगा ।

5 comments:

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' said...

एक सुखा हुआ फूल ताउम्र अपनी किताब मे रखा हमने
उसके याद आने के कई कारण थे उसे भुलाने के बहाने नही मिले
DIL SE IS SHER PE DAD DETAA HOON
SUBHAN ALLHH
MAIND BLOING

Vaishali said...

bahut khoob manas saab kaise aapke blog per aa gai pata nahin per aapki shayri ne mujhe likhne per majboor ker diya bahut hi umda khayal hai aapka..........allah aapko apni rahmet me rakhe.........

Mandeep said...

एक सुखा हुआ फूल ताउम्र अपनी किताब मे रखा हमने
उसके याद आने के कई कारण थे उसे भुलाने के बहाने नही मिले

Mujhe lagta hai ye sher mujhe bahut dino tak yaad rehne wala hai, bahut hi umda likha hai dost.

aise hi likhte rahen.

imran khan said...

pata nahi kaise aaj aapke3 blog par aa gaya main ..............samajhme nahi aa raha ki kya likhoon ............agar main sabdhon me likhungaa to shayad sabdh kam pad jayenge ......or bhaavon me main aapko bata nahi saktaa hoon ............kya likha hai janaab ,.............gajab ka hai .................main ise kam se kam 10 baar pad chuka hoon or dil kar raha hai ki padta hi rahoon .......janaab main aapki or gajaein padnaaa chahungaa .........aapki koi kitab mil sakti hai kya market me ................mujhe chahiye kahin se bhi woh ............maine aapke blog me aapka phone number dekha hai ..........or aapko jarur call karungaa ,........best of luck .............aapka die heart fan ................

Rani Mishra said...

http://zindagiekjung.blogspot.com/
PLS READ THIS AND COMMENT