Friday, August 28, 2009

मेरी तमन्नाओ की टूटी हुई मिसाल है

मेरी तमन्नाओ की टूटी हुई मिसाल है
जिंदगी मेरा बिछाया हुआ जाल है

मैं खुद की फोटोकॉपी होकर रह गया हूँ
किसी और के शरीर पर मेरी खाल है

मानस

5 comments:

amit destiny! said...

laajawaab dost..............

Sandeep said...

bahut khoob

Anonymous said...

Bahut behtarin likha hai manas ji.
-vedika

abhilasha said...

excellent thought...

ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι said...

बहुत सुन्दर ख़यालात बधाई। पर इसमें "ज़िन्दगी मेरा बि्छाया हुआ ज़ाल है" वाली लाइन शायद "ज़िन्दगी मेरी बिछयी हुई ज़ाल है" में ज़ियादा सही लगेगी।